अमेरिका में पढ़ाई कर रहे भारतीय और अन्य अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए यह समय बेहद सतर्क रहने का है। अमेरिकी विदेश विभाग (DoS) ने हाल ही में एक सख्त नीति लागू की है जिसके तहत सोशल मीडिया पर राजनीतिक पोस्ट को लाइक, शेयर या कमेंट करने पर भी वीजा रद्द किया जा सकता है।
AI सिस्टम से हो रही छात्रों की प्रोफाइलिंग
अब छात्र वीजा (F1) के आवेदकों और वर्तमान धारकों की सोशल मीडिया प्रोफाइल को AI-आधारित टूल से स्कैन किया जा रहा है। यह समीक्षा प्रक्रिया "वीज़ा इंटेलिजेंस सिस्टम" के तहत की जा रही है ताकि कोई भी राजनीतिक गतिविधि या राष्ट्र-विरोधी व्यवहार सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
'कैच एंड रिवोक' प्रोग्राम के तहत कार्रवाई
विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा शुरू किए गए ‘Catch & Revoke’ कार्यक्रम के अंतर्गत, पिछले तीन हफ्तों में 300 से अधिक छात्रों के वीजा रद्द किए गए हैं। जिन छात्रों ने सरकारी नीतियों की आलोचना, प्रदर्शनों में भागीदारी, या राजनीतिक संगठनों का समर्थन दिखाया, उनके वीजा तत्काल प्रभाव से रद्द किए गए।
सिर्फ कैंपस नहीं, सोशल मीडिया भी जांच के घेरे में
यह धारणा अब गलत साबित हो चुकी है कि केवल कॉलेज कैम्पस में प्रदर्शन करने वाले छात्र ही निशाने पर हैं। सोशल मीडिया पर किसी भी राजनीतिक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देना भी अब खतरे से खाली नहीं है।
वीजा रद्द होने पर क्या होगा?
यदि किसी छात्र का वीजा रद्द कर दिया जाता है:
उसे अमेरिका छोड़ने का आदेश मिलेगा
पासपोर्ट अमेरिकी दूतावास में जमा कराना होगा
हिरासत, जुर्माना और भविष्य में वीजा में रुकावट संभव है
ऑनलाइन गतिविधियों का रिकॉर्ड रखा जाएगा (स्क्रीनशॉट्स सहित)
भारत से 3.3 लाख छात्र प्रभावित हो सकते हैं
2023-24 में अमेरिका में कुल 1.1 मिलियन विदेशी छात्र थे, जिनमें से 3.31 लाख भारत से थे। ये छात्र अब नई निगरानी प्रणाली के तहत आ चुके हैं।
क्या करें छात्र?
सोशल मीडिया का प्रयोग सोच-समझकर करें
राजनीतिक या संवेदनशील पोस्ट से दूरी बनाएं
दोस्तों के साथ शेयर की गई पोस्ट पर प्रतिक्रिया देने से पहले सोचें
वीजा शर्तों को अच्छी तरह समझें
विश्वविद्यालय से कानूनी सलाह लें (यदि जरूरत हो)