मध्य प्रदेश: MPPSC 2025 में दृष्टिबाधित कोटे से चयनित हुए सत्यम रजक अब विवादों में घिर गए हैं। आबकारी उप निरीक्षक पद पर चयनित सत्यम की बाइक चलाते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं, जिससे उनके दिव्यांग प्रमाण पत्र की वैधता पर सवाल उठने लगे हैं।
क्या है मामला?
सत्यम रजक ने दृष्टिबाधित कोटे के तहत एमपीपीएससी परीक्षा पास की। लेकिन हाल ही में वायरल हुई उनकी बाइक चलाते तस्वीरों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उज्जैन निवासी प्रिंस यादव ने शिकायत दर्ज कराते हुए पूछा है, "अगर सत्यम दृष्टिबाधित हैं तो उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस कैसे मिला?"
सिविल सर्जन को भेजी गई शिकायत
यादव ने सागर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को पत्र भेजकर जांच की मांग की है। उन्होंने दावा किया है कि सत्यम सोशल मीडिया पर खुद गाड़ी चलाते हुए तस्वीरें पोस्ट कर चुके हैं।
सत्यम रजक की सफाई
सत्यम ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “2017 में जब ड्राइविंग लाइसेंस लिया था, तब दृष्टि सामान्य थी। 2021 में आंखों की बीमारी शुरू हुई और 2023 में विकलांगता प्रमाणित हुई।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वायरल तस्वीरें 2021 से पहले की हैं और अब उन्होंने वाहन चलाना बंद कर दिया है।